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प्रेम ही सर्वोपरि है (भाग-1)

प्रेम ही सर्वोपरि है        ...क्योंकि प्रेम चित्त की एक दशा है, यही एक मात्र वो अनुभूति है, जो संसार के समस्त प्राणियों के लिए  आपके  कोमल भावनाओं द्वारा प्रदर्शित होता है!          प्रेम  का अर्थ है किसी के  लिए  आपके अंदर  की  सच्चाई  और  स्वच्छ  भावनाएं, क्योंकि जहाँ सत्य है   वहीं  प्रेम है अर्थात सत्य ही प्रेम है...            राजीव अर्थात "कमल" जिसके पंखुरीयों पर अनगिनत, अनंत शूल विराजते है परंतु  वे अपनी बाहरी संरचना के खिलाफ़ सौंदर्य के साथ-साथ स्वच्छंद भाव से लोगों के जीवन में खुशबू लुटाता है और संभवतः इसी में इसके जीवन की सार्थकता भी निहित है।            इतना ही नहीं अगर कोई श्यामल भूखा दिखे तो उसे भी गोद में लेकर अपनी पंखुरीयों से डक कर  मीठा पान कराता परंतु वही "राजीव" आज दुखी है, हताश है, नाराज है, उदास है और आखिर हो भी क्य...
शायर कोई और...                    (एक अनुभूति)           वो तभी आती है, जब मैं पूरी तरह नींद के आगोश में बेखौफ होकर इस दुनिया से दूर कहीं ख्वाबों के दुनिया में निरंकुश विचरन करता रहता हूँ। शायद मेरा ख्वाब देखना उसे गवारा नही…           बारिश आज शाम से ही कहर बरपाने में मसरूफ था, काली अंधेरी, खौफनाक, निःशब्द रात अपने शबाब पर थी। झींगुरों, मेढ़कों, कीट पतंगों की आवाजें रात के खामोशी को छेड़ कर और भी भयावह बना रहे थे और मैं अपने बिस्तर पर तकिये को बाहों में भर कर अलौकिकता के एहसास में डूबा हुआ था।            अचानक दरवाजे पर दस्तक हुई। पहले तो मैंने अनसुना किया। परंतु बार-बार के दस्तक पर नींद खुल गई और अलसाई आँखों को मलते हुए मैंने दरवाजा खोला। सामने  “वही”  थी। “इतनी रात गए बारिश में” मैने पूछा। “हाँ। मैं समय हूँ और समय को कहां किसी की परवाह ...

🍁प्रेम🍁

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प्रेम चित्त की एक दशा है, जो संसार के समस्त प्राणियों के लिए आपके कोमल भावनाओं द्वारा प्रदर्शित होता है। प्रेम का अर्थ है किसी के लिए आपके अंदर की सच्चाई और स्वच्छ भावनाएँ।...